🌹गुरूजी--
विवादम भयतो दिस्वा,
अविवादम च खेमतो।
समग्गा सखिला होथ,
एस बुद्धानुसासनी।।
🍁यह शिक्षा है उस महापुरुष की।
जहाँ विवाद देखा कि उसमे भय नजर आये।बड़ा खतरनाक है, कहाँ उलझ गए?
हम झगड़ा करने के लिए इस मार्ग पर आये! तू छोटा, मै बड़ा यह करने के लिये इस मार्ग पर आये।
🌷अविवाद में ही कुशल है हमारा।
बड़े प्यार से रहेंगे।
बड़े प्रसन्न चित्त से रहेंगे।
बड़े मिलजुलकर रहेंगे।
यही चाहते हैं भगवान।
यही उनकी शिक्षा है।
यह हमेशा याद रहे।
धर्म का विकास जरा सी भी कडुवाहट लेकर न हो।